हर व्यक्ति का घर उसकी निजी और सुरक्षित जगह होती है। कानून भी इस बात को मानता है और घर में बिना अनुमति घुसने से सुरक्षा देता है। अगर कोई व्यक्ति गलत नीयत से जैसे किसी को चोट पहुँचाने, मारने-पीटने या जबरन बंद करने की तैयारी के साथ, किसी के घर में घुसता है, तो यह गंभीर अपराध बन जाता है। ऐसे अपराध को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 333 में बताया गया है।
यह अपराध साधारण घर में घुसपैठ (ट्रेसपास) से ज्यादा गंभीर है, क्योंकि इसमें सिर्फ घुसना ही नहीं, बल्कि आगे नुकसान करने की योजना भी शामिल check here होती है। इसलिए कानून ऐसे व्यक्ति को कड़ी सज़ा देता है, जो खतरनाक इरादे के साथ किसी के घर में प्रवेश करता है।